मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जबलपुर शहर को राज्य का सबसे लंबा फ्लाईओवर (Flyover) तोहफ़े में मिला है। इस फ्लाईओवर की लंबाई करीब 7 किलोमीटर है और इसके शुरू होने के बाद रोज़ाना यात्रा करने वाले हज़ारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले जिस सफर में लगभग 40 मिनट लगते थे, अब वह मात्र 10 मिनट में पूरा हो जाएगा।
जबलपुर को मिला नया तोहफ़ा
जबलपुर लंबे समय से ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या से जूझ रहा था। खासकर मदनमहल रेलवे स्टेशन और कटनी रोड की ओर जाने वाले रास्तों पर रोजाना जाम लगता था। इस फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से शहर के भीतर आने-जाने वाले वाहनों को न केवल आसानी होगी बल्कि भारी वाहनों के कारण होने वाली दिक्कतें भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।
1053 करोड़ की लागत से बना फ्लाईओवर
इस फ्लाईओवर के निर्माण में लगभग ₹1053 करोड़ की लागत आई है। परियोजना का शिलान्यास कई साल पहले हुआ था लेकिन अब जाकर इसे जनता को समर्पित किया गया है। निर्माण एजेंसियों और इंजीनियरों का कहना है कि यह तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसमें केबल-स्टेड ब्रिज का भी उपयोग किया गया है।
आधे घंटे की होगी बचत
आपको बता दें कि इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल करने से रोज़ाना सफर करने वालों का कम से कम आधा घंटा बचेगा। ट्रैफिक जाम में फंसने से जो ईंधन की बर्बादी और समय का नुकसान होता था, उससे अब राहत मिलेगी। खास बात यह है कि इसका सीधा असर प्रदूषण कम करने पर भी पड़ेगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने इस फ्लाईओवर को ‘गेम चेंजर’ बताया है। उनका कहना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को उम्मीद है कि अब ग्राहक आसानी से उनके पास पहुँच पाएंगे।
एमपी में विकास की रफ्तार
मध्यप्रदेश सरकार लगातार सड़कों और फ्लाईओवरों के जरिए कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं की घोषणा भी की है। यह फ्लाईओवर उसी बड़े विज़न का हिस्सा है, जिससे राज्य के शहरों और कस्बों को बेहतर ढंग से जोड़ा जा सके।