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मध्यप्रदेश को मिली नई पहचान: 600 मेगावॉट सौर ऊर्जा भंडारण केंद्र, 1.85 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

मध्यप्रदेश इन दिनों विकास की नई इबारत लिख रहा है। खासकर नवकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में प्रदेश ने जो कदम उठाया है, वह आने वाले समय में पूरे देश को नई दिशा दिखाने वाला साबित होगा। मुरैना जिले में अब 600 मेगावॉट क्षमता वाला सौर ऊर्जा भंडारण केंद्र बनने जा रहा है। यह न केवल प्रदेश को हरित ऊर्जा का हब बनाएगा, बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार और उद्योगों को विकास का नया अवसर भी देगा।

मुरैना में सौर ऊर्जा का बड़ा केंद्र

प्रदेश सरकार ने मुरैना को हरित ऊर्जा उत्पादन का मुख्य केंद्र बनाने की योजना तैयार की है। यहां बनने वाला 600 मेगावॉट का भंडारण केंद्र देश के अग्रणी प्रोजेक्ट्स में गिना जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग ₹4000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। निवेश के साथ-साथ यह प्रोजेक्ट चंबल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर भी बदल देगा।

1.85 लाख युवाओं के लिए रोजगार का अवसर

आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट के जरिए सबसे बड़ा फायदा स्थानीय युवाओं को होगा। अनुमान है कि इसके चलते लगभग 1.85 लाख रोजगार के मौके पैदा होंगे। अब तक चंबल क्षेत्र को सिर्फ खेती और पारंपरिक कामकाज के लिए जाना जाता था, लेकिन यह प्रोजेक्ट यहां की नई पहचान बनने जा रहा है।

ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

भारत सरकार ने 2030 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 50% बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश का यह कदम इस दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से हरित ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति होगी और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश की ग्रीन एनर्जी बेल्ट के रूप में जाना जाएगा।

मुरैना को मिलेगी नई पहचान

यहां बनने वाली 800 मेगावॉट की सौर परियोजना मुरैना को नई पहचान देने वाली है। इससे न केवल बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। चंबल जैसे पिछड़े माने जाने वाले इलाके को अब बड़े उद्योग और निवेश की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।

स्थानीय विकास और उद्योगों को बढ़ावा

इस प्रोजेक्ट से चंबल क्षेत्र में कई सहायक उद्योग भी खड़े होंगे। सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज, मेंटेनेंस, ट्रांसपोर्ट और निर्माण से जुड़े काम स्थानीय स्तर पर नए अवसर पैदा करेंगे। इससे युवाओं को बाहर रोजगार की तलाश में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बड़ा लक्ष्य, उज्जवल भविष्य

इस परियोजना को लेकर सरकार का कहना है कि आने वाले समय में न केवल मुरैना बल्कि पूरा मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन और भंडारण का हब बनेगा। इससे प्रदेश की पहचान देशभर में ग्रीन एनर्जी के बड़े केंद्र के रूप में होगी।

👉 इस तरह मुरैना का यह कदम न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के ऊर्जा भविष्य को नई ताकत देगा। 600 मेगावॉट का यह केंद्र प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएगा और लाखों युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा।

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