मध्य प्रदेश सरकार लगातार ऐसी योजनाएँ चला रही है जिनका मकसद बेटियों को सम्मान और परिवारों को प्रोत्साहन देना है। इन्हीं योजनाओं में से एक है MP Kirti Card Yojana, जिसे खासतौर पर उन परिवारों के लिए शुरू किया गया है जिनके घर में बेटियाँ हैं। इस कार्ड की मदद से अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी ज़रूरी सेवाओं में छूट और प्राथमिकता मिलेगी। यह कदम न केवल परिवारों का बोझ कम करेगा बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देगा।
एमपी कीर्ति कार्ड योजना क्यों शुरू की गई?
आपको बता दें कि प्रदेश में कई इलाकों में बेटियों का अनुपात घटता जा रहा था। इस समस्या को सुधारने और परिवारों को जागरूक बनाने के लिए प्रशासन ने यह पहल की। कीर्ति कार्ड केवल एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह एक तरह का सम्मान-पत्र है जो परिवारों को यह अहसास कराता है कि बेटियों का होना गर्व की बात है। इस योजना के जरिए सरकार यह संदेश दे रही है कि जो परिवार अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखा रहे हैं, उनका समाज में विशेष स्थान होगा और उन्हें कई क्षेत्रों में छूट भी दी जाएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ
इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बेटियों वाले परिवारों को शिक्षा संस्थानों में फीस पर छूट और स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। कई निजी स्कूल और कॉलेज भी इस योजना से जुड़े हैं जहाँ कीर्ति कार्ड दिखाने पर फीस में रियायत मिलेगी। वहीं, अस्पताल और क्लीनिक में इलाज के दौरान कार्डधारक परिवारों को कतार में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि वहाँ अक्सर पढ़ाई और इलाज का खर्च संभालना मुश्किल हो जाता है।
बाज़ार और रोज़मर्रा की जरूरतों पर छूट
कीर्ति कार्ड का लाभ केवल पढ़ाई और इलाज तक सीमित नहीं है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि स्थानीय दुकानों, सुपरमार्केट, रेस्टोरेंट और परिवहन सेवाओं में भी इस कार्ड से छूट मिलती है। कई व्यापारी और संस्थान इस योजना का हिस्सा बने हैं जो कार्डधारक परिवारों को 2% से 25% तक की छूट दे रहे हैं। यानी अब जब परिवार अपनी बेटियों के साथ बाजार जाएगा तो रोज़मर्रा की खरीदारी से लेकर बड़े खर्चों तक में राहत मिलेगी।
आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया
कीर्ति कार्ड पाने के लिए परिवारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण जैसे दस्तावेज़ ज़रूरी हैं। आवेदन करने के बाद जानकारी की जाँच होगी और फिर कार्ड जारी कर दिया जाएगा। यह कार्ड पूरे मध्य प्रदेश में मान्य है और लगातार नए जिलों और संस्थानों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है।
MP Kirti Card योजना ने परिवारों को नई उम्मीद दी है। इससे बेटियों को सम्मान और माता-पिता को आर्थिक राहत दोनों मिल रही हैं। पढ़ाई से लेकर इलाज और बाजार की खरीदारी तक, हर जगह यह कार्ड मददगार साबित हो रहा है। यह पहल न केवल एक सामाजिक बदलाव का हिस्सा है बल्कि आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देती है कि बेटियाँ किसी भी मायने में बोझ नहीं, बल्कि परिवार की असली ताकत हैं।