देश के लाखों छोटे दुकानदार और सड़क किनारे ठेला लगाने वाले लोग रोज़मर्रा की कमाई से अपना घर चलाते हैं। कोरोना काल के बाद से इनका व्यापार काफी प्रभावित हुआ था, इसी वजह से सरकार ने इन्हें दोबारा खड़ा करने के लिए खास योजना शुरू की है। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi Yojana)। इसमें सरकार ठेला लगाने वाले और छोटे दुकानदारों को बिना गारंटी लोन देती है ताकि वे अपना काम बढ़ा सकें और स्थिर कमाई कर सकें।
लोन लेने की सुविधा कैसे मिलती है?
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शुरुआत में छोटे लोन से शुरुआत होती है और धीरे-धीरे रकम बढ़ती जाती है। सबसे पहले लाभार्थी को 10 हजार रुपए तक का लोन मिलता है। जब वह समय पर चुकता कर देता है तो अगली बार 20 हजार रुपए का लोन मिल जाता है। यही नहीं, अगर दूसरी बार का लोन भी समय पर चुका दिया जाए तो तीसरी बार 50 हजार रुपए तक का लोन देने की सुविधा है। यह सब कुछ बिना किसी गारंटी और बिना किसी परेशानी के मिलता है।
छोटे दुकानदारों के लिए राहत
अक्सर सड़क किनारे काम करने वाले लोग बैंकों से लोन लेने में असमर्थ रहते हैं क्योंकि उनसे गारंटी मांगी जाती है। लेकिन इस योजना में ऐसा कोई नियम नहीं है। सिर्फ आधार कार्ड, बैंक खाता और नगर निगम से मिला ठेला लगाने का प्रमाणपत्र या फिर सिफारिश पत्र ही काफी है। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें लोन मिल जाता है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी छोटे दुकानदार को पैसों की कमी की वजह से अपना काम बंद न करना पड़े।
ब्याज पर भी मिलती है मदद
सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि अगर लोन समय पर या पहले चुका दिया जाए तो ब्याज में सब्सिडी दी जाती है। इसका मतलब है कि दुकानदार पर ब्याज का बोझ हल्का हो जाता है। इतना ही नहीं, अगर दुकानदार डिजिटल लेन-देन करता है तो उसे हर साल 1200 रुपए तक कैशबैक भी मिल सकता है। इसका सीधा फायदा यह है कि छोटे दुकानदार भी डिजिटल लेन-देन को अपनाते हैं और आधुनिक तरीके से कारोबार आगे बढ़ा सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
लोन लेने के लिए ज्यादा दौड़भाग नहीं करनी पड़ती। दुकानदार अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या बैंक शाखा से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ठेला लगाने का सर्टिफिकेट होना जरूरी है। जिनके पास यह सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें नगर निगम से लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (LoR) मिल सकता है। आवेदन पूरा होने के बाद बैंक खाते में लोन की राशि आ जाती है और लाभार्थी तुरंत अपना कारोबार शुरू कर सकता है।
गरीबों के लिए बड़ी मदद
यह योजना उन लाखों लोगों के लिए किसी सहारे से कम नहीं है, जो रोज़ ठेले पर सामान बेचकर अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। बिना गारंटी लोन मिलने से उन्हें कर्ज के डर के बिना काम करने का मौका मिलता है। सरकार का मानना है कि अगर छोटे दुकानदारों की हालत सुधरेगी तो शहरों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
PM SVANidhi Yojana छोटे दुकानदारों और ठेला लगाने वालों को आत्मनिर्भर बनाने की एक मजबूत पहल है। इस योजना से उनकी रोज़ी-रोटी सुरक्षित रहती है और उन्हें काम बढ़ाने का मौका मिलता है। सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार सिर्फ पैसों की कमी की वजह से पीछे न रह जाए। यही कारण है कि बिना गारंटी और आसान शर्तों पर यह लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।